मुमुक्षु सेवंतीभाई बने मुनिराज श्री साध्यरत्न विजय जी म.सा./ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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                मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

गुजरात के नेनावा नगर में त्रिस्तुतीक जैनाचार्य गुरूदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वर जी महाराजा के प्रशिष्य युग प्रभावक पुण्य सम्राट गुरूदेव श्रीमद्विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा के पट्टधर गच्छाघिपती श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज एवं आचार्य भगवंत श्री जयरत्न सूरीश्वर जी महाराज की पावन निश्रा में फाल्गुन सुदी तृतीया दिनांक 26 फरवरी को मुमुक्षु रत्न थराद ( थीरपुर तीर्थ) निवासी श्री सेंवतीभाइ नरपतलाल अदाणी   का दीक्षा महोत्सव हजारों लोगों की उपस्थिति  संपन्न हुआ । मुमुक्षु रत्न श्री सेवंतीभाई का दीक्षा ग्रहण करने बाद नुतन मुनि के रुप मे  उनका नाम मुनिराज श्री साध्यरत्न विजय  घोषित हुआ । इस दीक्षा महोत्सव का प्रसंग अनुमोदनीय रहा । मुमुक्षु रत्न की भावना अनुसार अर्पण किये जाने वाले श्रमण जीवन के उपकरण की किसी प्रकार की बोली ( चडावा) नही लगाई गई ।नुतन मुनिराज श्री को त्रिस्तुतीक जैन संघ नेनावा एवं नुतन मुनिराज श्री के संसारी परिवार  ओर सगे संबंधियों  की ओर से तप त्याग ओर आराधना के नियम ग्रहण कर श्रमण जीवन के उपकरण वहोराये गये । मुमुक्षु रत्न ने किसी प्रकार की शोभायात्रा या अन्य कोई अनुष्ठान नहीं कर सादगी पुर्वक दीक्षा का संयम जीवन ग्रहण के पुर्व लिए भाव को साकार किया । इनके भाव को नेनावा त्रिस्तुतीक जैन संघ एवं संसारी परिवार अदाणी नरपतलाल टीलचंदभाई ने सहयोग प्रदान किया । घन्य मुमुक्षु रत्न एवं अनुमोदना इनके भावों की । तपस्वी नुतन मुनिराज श्री के चरणों में कोटि कोटि वंदना । 
श्रीसंघ व परिषद् के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री व मिडीया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने इस तरह की जानकारी दी ।


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